Skip to main content

मेरा असीम इश्क, मेरा शहर प्रयागराज


प्रयागराज: उत्तर प्रदेश का प्राचीन और पवित्र नगर

उत्तर प्रदेश भारत के उत्तरी भाग में स्थित होने के कारण प्राकृतिक सौंदर्य और धार्मिक महत्व के कारण बहुतायती यात्री आते हैं। यहां पर्यटन की एक धार्मिक और पौराणिक स्थली भी है, जो प्रयागराज के रूप में जानी जाती है। प्रयागराज, पूर्वी भारत में स्थित एक अत्यंत पवित्र स्थान है, जहां तीर्थ यात्री, साधु-संत और विद्वानों का आकर्षण रहा है। इस लेख में हम प्रयागराज के प्रमुख पर्यटन स्थलों के बारे में जानेंगे और इस शहर में यात्रा करने के कुछ आदर्श तरीकों पर चर्चा करेंगे।

संगम स्नान:
प्रयागराज अपने संगम स्नान के लिए विख्यात है, जहां त्रिमुखी संगम ब्रह्मा जी का तीसरा मुख है, और यहां पर गंगा, यमुना और सरस्वती नदी संगमित होती हैं। इसे "त्रिवेणी संगम" भी कहा जाता है। यहां बड़े संख्या में श्रद्धालु आते हैं और स्नान करके अपने पापों को मिटाते हैं। कुंभ मेले जैसे धार्मिक महोत्सवों के समय यहां लाखों लोग संगम स्नान करने आते हैं।

प्रयागराज का किला:
प्रयागराज का किला या प्रयाग किला एक महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल है। यह मुग़ल सम्राट अकबर द्वारा बनाया गया है और इसका निर्माण वर्ष 1583 ईसा पूर्व में हुआ था। किले के भीतर रंगीन बगीचे और मस्जिदें स्थित हैं। इसके चारों ओर चार प्रमुख द्वार होते हैं, जिनमें से एक आगरा द्वार कहलाता है। किले से आप प्रयाग तक जाने वाले नदी नदी किनारे की खूबसूरत दृश्यों का आनंद ले सकते हैं।

आंद्रे अटल बिहारी वाजपेयी गलियारा:
यदि आप भारतीय राजनीति के प्रशंसक हैं, तो प्रयागराज का आंद्रे अटल बिहारी वाजपेयी गलियारा आपके लिए एक महत्वपूर्ण स्थल है। यह गलियारा भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को समर्पित है और यहां आपको वाजपेयी जी की अद्भुत मूर्ति, जीवनी और राजनीतिक यात्रा की कथा मिलेगी।

इलाहाबाद प्राचीन विश्वविद्यालय:
प्रयागराज एक मानविकी और साहित्यिक गढ़ी के रूप में भी प्रसिद्ध है और इलाहाबाद प्राचीन विश्वविद्यालय इसका प्रमुख केंद्र है। यह एशिया का चौथा सबसे पुराना विश्वविद्यालय है और इसमें बड़ी संख्या में स्नातक और स्नातकोत्तर कोर्सेज प्रदान किए जाते हैं। यहां आपको एक महान साहित्यिक और विविधतापूर्ण पाठ्यक्रम मिलेगा, जो शिक्षार्थियों के बीच बहुत प्रसिद्ध है।

प्रयागराज म्यूजियम:
इलाहाबाद म्यूजियम प्रयागराज का प्रमुख पर्यटन स्थल है, जहां आप भारतीय ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और कला की विभिन्न धाराओं का अध्ययन कर सकते हैं। यहां पर आपको मूर्तियों, प्राचीन वस्त्रों, पुरातात्विक आकृतियों और अन्य ऐतिहासिक वस्तुओं की समृद्ध संग्रहशाला मिलेगी।

प्रयागराज एक ऐसा स्थान है जहां आप आध्यात्मिकता, धार्मिकता, ऐतिहासिकता और साहित्य को एक साथ अनुभव कर सकते हैं। यह एक ऐसी संतुलित यात्रा का स्थान है जहां आपको मन की शांति मिलेगी और आप अपने आप को नए और मजबूत महसूस करेंगे। इसलिए, अगली बार जब आप उत्तर प्रदेश का भ्रमण करने की सोचें, तो प्रयागराज को अपनी सूची में शामिल करें और इस पवित्र नगर का आनंद लें।

Popular posts from this blog

Double Standard of Indian Courts??

Maa Tripureshwari Temple Case History of Temple: Maa Tripureshwari Temple is Located in the Gomti District of Tripura state. It is one of the Shakti Peeth of Maa Sati and holds a really important place in Hinduism (Sanatan Dharma). It is said that in closing years of the 15th century the king got the dream ( Where Goddess asks him to offer Pooja, for proper cosmic balance and happy living of people) and built the temple for Goddess. PC: opindia.com Case: The case was brought to the court by former district judge Shubhash Bhattachaarjee, by filing PIL (Public Interest Litigation). The court in respond  on  27th September 2019 said that: "No person including the state shall be allowed to scarifies of any animal or bird within the precincts of any of the temples in the state of Tripura." Court also said that: "Anyone of the devotees desirous of offering any animal out of personal faith, belief or desire, may do so but shall take back the animal and under no c...

संग तुम्हारे जीवन की ये राहें

संग तुम्हारे जीवन की ये राहें सीताराम जी की कृपा से, चार महीने संग चलते रहे, हाथों में हाथ थामे, संग-संग जीवन के हर कदम बढ़ाते रहे। तुम हो मेरी प्रार्थना का उत्तर, हर पल, हर घड़ी तुम्हारे साथ, जीवन का ये सफर स्वर्णिम बना है, तुमसे ही मेरे दिल का हर आकाश सजा है। तेरी हँसी में है वो मिठास, जो मेरे हर दुःख को पल में मिटा देती है। तेरी आँखों में बसती है वो रौशनी, जो मेरे सपनों को हकीकत में बदल देती है। चार महीने के इस सफर में, हर दिन एक नई उम्मीद लेकर आया है। तुम्हारे साथ बिताए ये पल, मुझे हर लम्हा खुशियों से भरा नज़र आया है। हम यूँ ही संग-संग रहें सदा, हर बाधा को पार करते हुए। तुमसे ही तो है ये जीवन पूरा, सदा तुम संग, ये मेरा वचन है। सीताराम जी की कृपा हम पर बनी रहे, हमेशा यूँ ही साथ चलते रहें, तुम हो तो ज़िंदगी महकती है, तेरे बिना ये सफर अधूरा लगता है। #Sukoon #SukoonCouple